बौद्ध धर्म: इतिहास, सिद्धांत, ग्रंथ और संपूर्ण जानकारी
Boddha Dharm in hindi

बौद्ध धर्म एक प्रमुख धर्म और दर्शन प्रणाली है, जिसकी स्थापना गौतम बुद्ध ने छठी शताब्दी ईसा पूर्व में की थी। यह धर्म अहिंसा, करुणा, ध्यान और आत्मज्ञान पर आधारित है।
गौतम बुद्ध का जीवन परिचय :-
विवरण | जानकारी |
नाम | गौतम बुद्ध |
जन्म | 563 ई० पू० लुम्बिनी |
माता | महामाया देवी |
पिता | शुद्धोधन (शाक्य गणराज्य के राजा) |
पत्नी | यशोधरा |
पुत्र | राहुल |
ज्ञान प्राप्ति | 35 वर्ष की उम्र में , बोधगया में ( पीपल के वृक्ष के नीचे) |
मृत्यु (महापरिनिर्वाण) | 483 ई० पू ० कुशीनगर (UP) |
बौद्ध धर्म के मुख्य सिद्धांत :-
बौद्ध धर्म चार आर्य सत्यों और अष्टांगिक मार्ग पर आधारित है।
[1] चार आर्य सत्य (Four Noble Truth)
( i ) दुःख – संसार में सभी जीव दुःख का अनुभव करते हैं।
( ii ) दुःख समुदय – इच्छाएं (तृष्णा) ही दुःख का कारण हैं।
( iii ) दुःख निरोध – इच्छाओं को समाप्त करने से दुःख भी समाप्त हो सकता है
( iv ) दुःख निरोधगामिनी प्रतिपदा – अष्टांगिक मार्ग का पालन करने से मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है।
[2] अष्टांगिक मार्ग (Eightfold Path)
- सम्यक दृष्टि (सही दृष्टिकोण)
- सम्यक संकल्प (सही विचार)
- सम्यक वाक् (सही वाणी)
- सम्यक कर्म (सही कर्म)
- सम्यक आजीविका (सही जीवनयापन)
- सम्यक प्रयास (सही प्रयास)
- सम्यक स्मृति (सही ध्यान)
- सम्यक समाधि (सही ध्यान और एकाग्रता)
बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण संप्रदाय :-
बौद्ध धर्म में समय के साथ तीन प्रमुख संप्रदाय विकसित हुए:
- हीनयान
- महायान
- वज्रयान
बौद्ध धर्म ग्रंथ :-
( i ) त्रिपिटक – बौद्ध धर्म के मुख्य ग्रंथ
- सुत्त पिटक
- विनय पिटक
- अधिम्य पिटक
( ii ) जातक कथाएं – बुद्ध के जन्म से पूर्व की कहानियां
बौद्ध धर्म के प्रमुख त्योहार :-
बुद्ध पूर्णिमा – बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का उत्सव।
संघ दिवस – बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मनाया जाता है।
कठिन चीवर दान – भिक्षुओं को वस्त्र दान करने क
बौद्ध धर्म के प्रमुख स्थल :-
लुंबिनी (नेपाल) – बुद्ध का जन्म स्थान।
बोधगया (बिहार) – जहाँ बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया।
सारनाथ (उत्तर प्रदेश) – पहला उपदेश दिया।
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) – महापरिनिर्वाण स्थान।
बौद्ध धर्म का प्रभाव :-
• भारत में सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म को अपनाया और इसका प्रचार भी किया।
• चीन, जापान, थाईलैंड, श्रीलंका, तिब्बत में भी बौद्ध धर्म व्यापक रूप से फैला।
• अहिंसा, करुणा और ध्यान पर बल देने के कारण बौद्ध धर्म का प्रभाव पूरी दुनिया में देखा जा सकता है।
नमोः बुद्धाय