मणिपुर में 11वीं बार राष्ट्रपति शासन लागू।
February/16/2025 Author : Aditya

15 फरवरी 2025 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर में 11वीं बार राष्ट्रपति शासन लागू करने की घोषणा की है। यह निर्णय राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं को देखते हुए लिया गया है।
राष्ट्रपति शासन का कारण
मणिपुर में हाल ही में बढ़ती हिंसा, जातीय संघर्ष और प्रशासनिक अस्थिरता के कारण सरकार राज्य की स्थिति को नियंत्रित करने में असमर्थ रही है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इस फैसले की आलोचना की है और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार को और अधिक समय दिया जाना चाहिए था। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय राज्य में शांति बहाल करने के लिए आवश्यक था।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का इतिहास
मणिपुर में अब तक 11 बार राष्ट्रपति शासन लागू किया जा चुका है। राज्य की संवेदनशील राजनीतिक स्थिति और बार-बार होने वाले विद्रोहों के कारण यहां पर कई बार राष्ट्रपति शासन लगाने की नौबत आई है।
राष्ट्रपति शासन के प्रभाव
1. केंद्र सरकार का सीधा नियंत्रण :- अब राज्य का प्रशासन केंद्र सरकार के अधीन होगा।
2. विधानसभा निलंबित :- राज्य की विधानसभा को भंग या निलंबित किया जा सकता है।
3. सुरक्षा बलों की तैनाती :- राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
4. विकास योजनाओं पर असर :- विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है।
आगे की राह क्या है
मणिपुर में 11वीं बार राष्ट्रपति शासन लागू ।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन के दौरान मणिपुर में शांति और स्थिरता लाने के लिए क्या कदम उठाती है। उम्मीद की जा रही है कि हालात सामान्य होते ही राज्य में फिर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल की जाएगी।