Harappa Sabhyata PYQ in Hindi | Important

Harappa Sabhyata PYQ in Hindi – इस आर्टिकल में हड़प्पा/सिंधु घाटी सभ्यता के सामाजिक जीवन और पतन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों को व्याख्या सहित दिया गया है। 

Contents Show
Harappa Sabhyata PYQ in Hindi

Harappa Sabhyata PYQ in Hindi

सिंधु सभ्यता की लिपि मुख्यतः किन वस्तुओं पर प्राप्त हुई है?

A. केवल ताम्रपत्रों पर
B. केवल पत्थर के स्तंभों पर
C. मुहरों, मृद्भांडों और अन्य छोटी वस्तुओं पर
D. केवल मंदिरों की दीवारों पर

✅C. मुहरों, मृद्भांडों और अन्य छोटी वस्तुओं पर
  • सिंधु लिपि के चिह्न मुहरों, मृद्भांडों, धातु और अन्य वस्तुओं पर मिले हैं।
  • अधिकांश अभिलेख बहुत छोटे हैं।

सिंधु सभ्यता की लिपि के अभिलेखों में सामान्यतः कैसी विशेषता दिखाई देती है?

A. बहुत लंबे राजकीय अभिलेख
B. छोटे आकार के लेख
C. केवल संख्याएँ
D. केवल धार्मिक मंत्र

✅B. छोटे आकार के लेख
  • सिंधु लिपि के अधिकांश ज्ञात लेख बहुत छोटे हैं।

हड़प्पाई सभ्यता में निर्माण कार्यों में ईंटों के मानकीकरण का क्या महत्व था?

A. केवल सजावट के लिए
B. निर्माण में एकरूपता के लिए
C. केवल धार्मिक कार्यों के लिए
D. केवल कृषि कार्यों के लिए

✅B. निर्माण में एकरूपता के लिए
  • कई हड़प्पा स्थलों पर ईंटों के आकार और अनुपात में मानकीकरण दिखाई देता है।
  • यह योजनाबद्ध निर्माण व्यवस्था का संकेत है।

हड़प्पा सभ्यता में पकी हुई ईंटों का व्यापक उपयोग किस बात का संकेत देता है?

A. विकसित निर्माण तकनीक
B. घुमंतू जीवन
C. लौह तकनीक
D. केवल धार्मिक गतिविधियाँ

✅A. विकसित निर्माण तकनीक
  • पकी ईंटों का उपयोग आवासीय और सार्वजनिक निर्माण में किया गया।
  • इससे स्थायी एवं योजनाबद्ध नगरीय जीवन का प्रमाण मिलता है।

हड़प्पा सभ्यता में कुओं की उपस्थिति किस व्यवस्था को समझने में विशेष रूप से उपयोगी है?

✅C. जल की स्थानीय उपलब्धता
  • अनेक हड़प्पा नगरों में कुओं के प्रमाण मिले हैं।
  • इससे नगरों में जल प्राप्त करने की स्थानीय व्यवस्था का पता चलता है।

हड़प्पा सभ्यता में धातु-शिल्प की उन्नति का प्रमाण किससे मिलता है?

A. केवल पत्थर के औजारों से
B. कांस्य प्रतिमाओं और तांबे की वस्तुओं से
C. लोहे की तलवारों से
D. कागज पर बने चित्रों से

✅B. कांस्य प्रतिमाओं और तांबे की वस्तुओं से
  • हड़प्पा के लोगों को धातुओं को ढालने और उनसे वस्तुएँ बनाने का ज्ञान था।
  • कांस्य प्रतिमाएँ और तांबे की वस्तुएँ इसका महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।

सिंधु सभ्यता के लोगों के सामाजिक जीवन की जानकारी मुख्यतः किस आधार पर प्राप्त होती है?

A. धार्मिक ग्रंथों से
B. विदेशी यात्रियों के विवरण से
C. पुरातात्विक अवशेषों से
D. राजकीय अभिलेखों से

✅C. पुरातात्विक अवशेषों से
  • सिंधु सभ्यता के लिखित साहित्य का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए मकान, आभूषण, उपकरण, मृद्भांड, खिलौने और अन्य पुरावशेष सामाजिक जीवन को समझने के प्रमुख स्त्रोत हैं।

सिंधु सभ्यता के लोग आभूषणों का निर्माण मुख्यतः किन पदार्थों से करते थे?

A. केवल लोहे से
B. सोना, चाँदी, तांबा, शंख और अर्ध-मूल्यवान पत्थरों से
C. केवल लकड़ी से
D. केवल कांसे से

✅B. सोना, चाँदी, तांबा, शंख और अर्ध-मूल्यवान पत्थरों से
  • हड़प्पा स्थलों से विभिन्न धातुओं, शंख तथा कार्नेलियन जैसे पत्थरों के आभूषण मिले हैं। इससे आभूषण निर्माण की विकसित परंपरा का पता चलता है।

सिंधु सभ्यता में मनोरंजन और बच्चों के जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण पुरातात्विक प्रमाण क्या हैं?

A. सिक्के
B. लोहे के हथियार
C. शिलालेख
D. टेराकोटा के खिलौने

✅D. टेराकोटा के खिलौने
  • विभिन्न हड़प्पाई स्थलों से मिट्टी के बने खिलौने, पशु आकृतियाँ और पहिए वाले खिलौने मिले हैं।
  • ये दैनिक जीवन और मनोरंजन की जानकारी देते हैं।

सिंधु सभ्यता में पहिए वाले खिलौनों की प्राप्ति किस बात का संकेत देती है?

A. केवल धार्मिक अनुष्ठानों का
B. पहिए के प्रयोग की जानकारी का
C. लोहे के व्यापक प्रयोग का
D. समुद्री युद्ध का

✅B. पहिए के प्रयोग की जानकारी का
  • पहिए वाले खिलौने इस तकनीक के परिचय का संकेत देते हैं। पहिए का प्रयोग परिवहन और अन्य कार्यों में भी महत्वपूर्ण रहा होगा।

सिंधु सभ्यता के लोगों के भोजन के बारे में जानकारी प्राप्त करने में कौन-सा स्रोत विशेष रूप से

A. पौधों और पशुओं के अवशेष
B. केवल मुहरें
C. केवल मकान
D. केवल आभूषण

✅A. पौधों और पशुओं के अवशेष
  • अनाज, बीज, फल तथा पशुओं की हड्डियों जैसे अवशेषों से भोजन और आहार संबंधी जानकारी प्राप्त की जाती है।

सिंधु सभ्यता के लोग वस्त्रों के निर्माण में किस पौधे से प्राप्त रेशे का उपयोग करते थे?

A. कपास
B. चाय
C. कॉफी
D. तंबाकू

✅A. कपास
  • सिंधु सभ्यता में कपास के उपयोग के प्रमाण मिले हैं। कपास के प्रयोग को भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन वस्त्र परंपरा से जोड़कर देखा जाता है।

सिंधु सभ्यता के समाज के बारे में कौन-सा कथन अधिक उपयुक्त है?

A. वहाँ केवल सैनिक रहते थे
B. समाज में विभिन्न प्रकार के कार्य करने वाले लोग थे
C. पूरा समाज केवल कृषकों का था
D. समाज में कोई आर्थिक अंतर नहीं था

✅B. समाज में विभिन्न प्रकार के कार्य करने वाले लोग थे
  • कृषि, शिल्प, व्यापार और अन्य गतिविधियों से जुड़े लोगों के प्रमाण मिलते हैं। इससे समाज में विभिन्न पेशों और कार्यों की उपस्थिति का पता चलता है।

सिंधु सभ्यता के लोगों द्वारा शंख का उपयोग किस क्षेत्र में किया जाता था?

✅D. आभूषण और सजावटी वस्तुओं में
  • शंख से चूड़ियाँ, मनके और अन्य सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती थीं। इससे शंख-शिल्प की जानकारी मिलती है।

सिंधु सभ्यता में परिवहन के लिए किस प्रकार के वाहनों के प्रयोग के प्रमाण मिलते हैं?

A. केवल घोड़ागाड़ी
B. बैलगाड़ी जैसे पहिएदार वाहन
C. केवल हाथी-रथ
D. केवल ऊँटगाड़ी

✅B. बैलगाड़ी जैसे पहिएदार वाहन
  • हड़प्पा स्थलों से पहिएदार वाहनों के प्रमाण तथा उनके मॉडल मिले हैं। इससे स्थल-आधारित परिवहन में पहिएदार वाहनों के उपयोग का संकेत मिलता है।

सिंधु सभ्यता में जलमार्गों का उपयोग मुख्यतः किस प्रकार की गतिविधियों में सहायक रहा होगा?

A. केवल धार्मिक अनुष्ठानों में
B. परिवहन और व्यापार में
C. केवल कृषि में
D. केवल युद्ध में

✅B. परिवहन और व्यापार में
  • सिंधु सभ्यता के कई स्थल नदियों और समुद्री तटों के निकट स्थित थे। ऐसे भौगोलिक स्थानों ने जलमार्ग आधारित परिवहन और व्यापार में सुविधा होती होगी।

सिंधु सभ्यता में लंबी दूरी के व्यापार के प्रमाण किस बात से स्पष्ट होते हैं?

A. दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त कच्चे माल और वस्तुओं से
B. केवल स्थानीय मिट्टी के बर्तनों से
C. केवल मकानों के आकार से
D. केवल मानव कंकालों से

✅A. दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त कच्चे माल और वस्तुओं से
  • कुछ हड़प्पा स्थलों पर ऐसे पत्थर और अन्य कच्चे पदार्थ मिले हैं जो स्थानीय क्षेत्र में उपलब्ध नहीं थे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के साथ संपर्क और विनिमय का संकेत मिलता है।

सिंधु सभ्यता के पतन के बारे में आधुनिक इतिहासकारों का प्रमुख मत क्या है?

A. केवल एक ही कारण जिम्मेदार था
B. केवल विदेशी आक्रमण जिम्मेदार था
C. अनेक प्राकृतिक और सामाजिक-आर्थिक कारणों ने भूमिका निभाई
D. केवल धार्मिक परिवर्तन जिम्मेदार था

✅C. अनेक प्राकृतिक और सामाजिक-आर्थिक कारणों ने भूमिका निभाई
  • सिंधु सभ्यता का पतन किसी एक कारण से समझाना उचित नहीं है।
  • जलवायु परिवर्तन, नदी-प्रणाली में बदलाव, पर्यावरणीय दबाव, बाढ़ और व्यापार में परिवर्तन जैसे कई कारणों पर विचार किया जाता है।

सिंधु सभ्यता के पतन से संबंधित संभावित प्राकृतिक कारणों में कौन-सा शामिल है?

A. जलवायु परिवर्तन
B. कागज की कमी
C. लौह हथियारों का प्रसार
D. समुद्री जहाजों का आविष्कार

✅A. जलवायु परिवर्तन

हड़प्पा के नगरों के कमजोर होने के बाद किस प्रकार का परिवर्तन देखा गया?

A. केवल बड़े नगरों का विस्तार
B. ग्रामीण एवं छोटे आवासों की ओर बदलाव
C. सभी बस्तियों का तत्काल अंत
D. केवल समुद्री नगरों का विकास

✅B. ग्रामीण एवं छोटे आवासों की ओर बदलाव
  • कई क्षेत्रों में बड़े नगरीय केंद्रों के स्थान पर छोटी और ग्रामीण बस्तियों का महत्व बढ़ा।
  • इसे शहरीकरण से ग्रामीणकरण की ओर बदलाव के रूप में समझा जाता है।

हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद उसकी सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में कौन-सा कथन सही है?

A. सभी परंपराएँ तुरंत समाप्त हो गईं
B. कुछ सांस्कृतिक तत्व विभिन्न स्थानीय परंपराओं में जारी रहे
C. सभी लोग भारत से बाहर चले गए
D. केवल धातु तकनीक बची

✅B. कुछ सांस्कृतिक तत्व विभिन्न स्थानीय परंपराओं में जारी रहे
  • हड़प्पा की परंपराओं का प्रभाव बाद की कुछ क्षेत्रीय संस्कृतियों में दिखाई देता है।
  • इसलिए इसे पूर्ण सांस्कृतिक “अचानक अंत” के रूप में देखना सही नहीं है।

Harappa Sabhyata PYQ in Hindi के इस आर्टिकल तक हमने सिंधु सभ्यता के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों को कवर कर लिया है अब आगे आने वाले आर्टिकल्स में हम वैदिक काल पढ़ेंगे। 

PDF Notes, Quiz, Daily GK Updates और महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन
सबसे पहले पाने के लिए हमारा Telegram Channel Join करें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top