लालच ने ली रमेश की जान!

यहां एक “world best inspirational story in hindi” दी गई है जिसमें बताया गया है कि कैसे लालच के कारण रमेश की मृत्यु हो जाती है।

world best inspirational story in hindi

बहुत समय पहले की बात है एक गरीब लेकिन ईमानदार किसान रहता था जिसका नाम अशोक था। अशोक के पास थोड़ी-सी ज़मीन, एक गाय और एक घर था। वह मेहनत ओर ईमानदारी से अपने छोटे परिवार के साथ सुख-शांति से जीवन बिताता था। वह जितना कमाता था उसी में खुश रहता था।

उसी गाँव में रमेश नाम का एक ज़मींदार भी रहता था। जिसके पास काफी जमीन थी, उसके यहां नौकर काम करते थे, घर में सोने तथा चाँदी के बर्तन थे, पर उसकी एक बुरी आदत थी – लालच। उसके पास इतना सबकुछ था फिर भी वह सन्तुष्ट नहीं था। [world best inspirational story in hindi]

एक दिन गांव के मंदिर में रमेश ने देखा कि अशोक मंदिर में दीपक जलाकर भगवान का धन्यवाद कर रहा था तभी वह अशोक के पास गया और बोला तुम तो इतने गरीब हो फिर भी इतनी खुशी से भगवान का धन्यवाद कर रहे हो।अशोक थोड़ा मुस्कुराया और बोला, “मेरे पास ज़रूरत भर है, सेठ जी। भगवान ने मुझे मेहनत करने की ताकत दी है इससे बड़ी बात मेरे लिए क्या हो सकती है। रमेश को अशोक की बहुत बात अजीब लगी। वह सोच रहा था कि आखिर यह गरीब मुझसे भी ज्यादा सन्तुष्ट कैसे हो सकता है।

कुछ दिनों के बाद गाँव में एक साधु जी आए। उनके पास चमत्कारी शक्तियाँ थीं। साधु जी ने गांव में घोषणा की, “जो कोई भी सूर्योदय से लेकर सूर्य अस्त होने तक जितनी ज़मीन नाप लेगा, वह जमीन उसकी हो जाएगी„ पर साधुजी की एक शर्त थी कि, सूर्यास्त होने से पहले उसी जगह पर आना होगा जहां से शुरू किया था।

यह बात गांव मे हवा की तरह फैल गई। यह बात जब रमेश तक पहुंची तो उसके मन में लालच आ गया।अगले दिन वह साधु जी के पास पहुंचा। साधु जी ने उसको फावड़ा दिया और कहा, “जहाँ तक तुम इस फावड़े से निशान लगाते जाओगे, वह ज़मीन तुम्हारी हो जाएगी। पर याद रखना, सूर्यास्त होने से पहले वापस यहीं पर लौटकर आना होगा नहीं तो जमीन नहीं दी जाएगी”

रमेश जल्दी जल्दी जमीन नापने लगा दोपहर हो गई लेकिन वह रुकने का नाम नही ले रहा था, उसके दिमाग में चल रहा कि थोड़ी और नाप लूं , तो अच्छा होगा नहीं तो कोई और ले लेगा। ऐसा करते-करते शाम हो गई वह काफी दूर आ चुका था इसलिए बहुत थक गया था और उसके पैर कांप रहे थे, उसने देखा सूर्यास्त होने वाला है तो वहां से वापस लौटा लेकिन थकान ज्यादा होने के कारण वह बीच रास्ते में गिर पड़ा।

दूर से देख रहे साधु जी और गाँव के कुछ लोग उसके पास दौड़ कर गए। रमेश के पास पहुंचे तो देखा कि रमेश की सांसे चलना बंद हो चुकी थीं।फिर साधु जी ने गहरी सांस ली और कहा, आखिर में सिर्फ इतनी जमीन चाहिए, जितना उसके शरीर को दफनाने के लिए।

अगर अब रमेश के पास पूरी दुनिया की जमीन हो तो भी अब उसका कोई फायदा नहीं। गाँव के लोगों को इससे बहुत बड़ा सबक मिला। अशोक वहीं पर खड़ा था। उसने चुपचाप आसमान की ओर देखा और कहा, “संतुष्टि ही सबसे बड़ा धन है।”

निष्कर्ष —

लालच मनुष्य को अंधा कर देता है। संतुष्टि और सीमित इच्छाएँ होना ही सच्ची शांति और खुशी का रास्ता हैं। अगर अस्सिटेंडरिवेसिस्ट इन हिंदी

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