इस आर्टिकल में वैदिक काल के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर हिंदी में दिये गए हैं, विस्तृत व्याख्या सहित। यह प्रश्न और उत्तर सभी Competitive Exams के लिए महत्वपूर्ण हैं।

वैदिक काल के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
‘त्रयी’ शब्द का संबंध किससे है?
A. तीन प्रमुख वेदों से
B. तीन उपनिषदों से
C. तीन आश्रमों से
D. तीन यज्ञों से
- प्रारंभिक वैदिक परंपरा में ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद को त्रयी कहा गया।
वेदों के संकलन का पारंपरिक श्रेय किसे दिया जाता है?
A. पाणिनि
B. वाल्मीकि
C. वेदव्यास
D. पतंजलि
- वेदों के संकलन और विभाजन का श्रेय वेदव्यास को दिया जाता है।
वैदिक साहित्य में ‘संहिता’ से क्या तात्पर्य है?
A. चिकित्सा ग्रंथ
B. राजाओं की वंशावली
C. कानूनों का संग्रह
D. मंत्रों का संग्रह
- संहिता वैदिक मंत्रों के संग्रह को कहा जाता है।
ऋग्वैदिक आर्यों का प्रमुख क्षेत्र कौन-सा था?
A. दक्कन
B. सप्त-सिंधु क्षेत्र
C. मगध
D. तमिल क्षेत्र
- ऋग्वैदिक काल में सप्त-सिंधु क्षेत्र प्रमुख निवास क्षेत्र था।
ऋग्वेद में सबसे अधिक किस नदी का उल्लेख मिलता है?
A. गंगा
B. यमुना
C. सिंधु
D. नर्मदा
ऋग्वेद में ‘राजन’ किसे कहा गया है?
A. राजा
B. पुरोहित
C. व्यापारी
D. सेनापति
- ऋग्वैदिक राजनीतिक व्यवस्था में जन के प्रमुख को राजन कहा जाता था।
ऋग्वैदिक समाज की सबसे छोटी सामाजिक इकाई क्या थी?
A. जन
B. विश
C. ग्राम
D. कुल
ऋग्वेदिक काल में "जन" क्या था?
A. जनजातीय इकाई
B. कर व्यवस्था
C. धार्मिक संस्था
D. व्यापारिक संघ
- जन एक प्रमुख जनजातीय-राजनीतिक इकाई था।
ऋग्वैदिक काल में ‘विश’ किससे संबंधित था?
A. जन की एक सामाजिक इकाई
B. धार्मिक ग्रंथ
C. कर
D. युद्धास्त्र
- विश जन के अंदर रहने वाले सामान्य लोगों के समूह को दर्शाता है।
ऋग्वैदिक काल की प्रमुख जनसभाएँ कौन-सी थीं?
A. गण और संघ
B. सभा और समिति
C. परिषद और महासभा
D. पंचायत और सभा
- सभा और समिति ऋग्वैदिक काल की प्रमुख राजनीतिक संस्थाएँ थीं।
ऋग्वेद में ‘समिति’ किस प्रकार की संस्था थी?
A. व्यापक जनसभा
B. धार्मिक ग्रंथ
C. सैन्य दल
D. व्यापारिक संघ
- समिति को व्यापक जनभागीदारी वाली सभा माना जाता है।
ऋग्वेद में ‘सभा’ का संबंध किससे था?
A. सैनिक प्रशिक्षण
B. कृषि कार्य
C. व्यापार
D. विशिष्ट लोगों की सभा
- सभा अपेक्षाकृत सीमित और विशिष्ट सदस्यों की संस्था मानी जाती है।
ऋग्वैदिक काल में ‘पुरोहित’ का प्रमुख कार्य क्या था?
A. कर वसूलना
B. धार्मिक अनुष्ठान कराना
C. व्यापार करना
D. ग्राम निर्माण करना
- पुरोहित राजा के धार्मिक कार्यों में प्रमुख भूमिका निभाता था।
ऋग्वैदिक काल में ‘सेनानी’ का संबंध किससे था?
A. सेना
B. कृषि
C. व्यापार
D. न्याय
- सेनानी सैन्य कार्यों से संबंधित प्रमुख अधिकारी था।
ऋग्वैदिक काल में ‘बली’ किस प्रकार का राजस्व था?
A. युद्ध जुर्माना
B. व्यापारिक शुल्क
C. भूमि खरीद कर
D. राजा को दिया जाने वाला अर्पण
- बली राजा को दिया जाने वाला अर्पण या योगदान था।
ऋग्वैदिक अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार क्या था?
A. पशुपालन
B. समुद्री व्यापार
C. उद्योग
D. मुद्रा व्यापार
- ऋग्वैदिक जीवन में पशुपालन का विशेष महत्व था
ऋग्वैदिक समाज में धन का प्रमुख प्रतीक क्या था?
A. सोना
B. गाय
C. भूमि
D. सिक्के
- गायें संपत्ति और समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती थीं।
ऋग्वेद में कृषि के लिए किस धातु के हल का उल्लेख मिलता है?
A. लोहे
B. तांबे
C. कांसे
D. धातु का स्पष्ट उल्लेख नहीं
- ऋग्वेद में कृषि और हल का उल्लेख मिलता है, लेकिन लोहे के हल का प्रमाण नहीं मिलता।
ऋग्वैदिक काल में विनिमय के लिए किस वस्तु का उल्लेख मिलता है?
A. निष्क
B. रुपया
C. दीनार
D. पण
- निष्क का उल्लेख वैदिक साहित्य में मूल्यवान वस्तु या आभूषण के रूप में मिलता है।
ऋग्वैदिक समाज में दास और दस्यु शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुए हैं?
A. विरोधी या गैर-आर्य समूहों के लिए
B. केवल व्यापारियों के लिए
C. केवल पुरोहितों के लिए
D. किसानों के लिए
- ऋग्वेद में ये शब्द विभिन्न विरोधी समूहों के संदर्भ में मिलते हैं।
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