अरब सागर में गिरने वाली नदियां भारत के पश्चिमी तट की ओर बहती हैं, ये नदियां मुख्य रूप से पश्चिमी घाट से निकलती हैं। इनमें माही, नर्मदा, साबरमती, तापी और शरावती आदि प्रमुख नदियां शामिल हैं। यह जो नदियां होती हैं ये अपेक्षाकृत छोटी होती हैं, इनसे सिंचाई तथा जैव विविधता को काफी समर्थन मिलता है।

अरब सागर में गिरने वाली नदियां
भारत की अधिकांश बड़ी नदियां पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण नदियां पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में मिलती हैं। इन्हें सामान्य रूप से पश्चिम की ओर बहने वाली नदियां कहा जाता है।
अरब सागर में गिरने वाली नदियां निम्न है –
- नर्मदा
- तापी
- माही
- साबरमती
- पेरियार
- भरतपुझा
- शरावती
- नेत्रावती
- जुआरी
- मांडवी
1. नर्मदा नदी
नर्मदा नदी अरब सागर में गिरने वाली सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है।
इसका उद्गम अमरकंटक के पास नर्मदा कुंड से होता है, जो मध्यप्रदेश में स्थित है।
यह नदी मुख्य रूप से विंध्य और सतपुड़ा पर्वत के बीच भ्रंश घाटी से होकर पश्चिम की ओर बहती हुई अरब सागर में गिरती है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – अमरकंटक, (MP)
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 1312 Km
- प्रमुख क्षेत्र – MP, महाराष्ट्र, गुजरात
2. तापी नदी
तापी नदी को “ताप्ती” के नाम से भी जाना जाता है।
इसका उद्गम मध्य प्रदेश के मुलताई क्षेत्र से होता है। यह मध्य प्रदेश से निकलकर महाराष्ट्र और गुजरात से होकर पश्चिम दिशा में बहती है तथा खंभात की खाड़ी के माध्यम से अरब सागर में मिलती है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – मुलताई, मध्य प्रदेश
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 724 Km
- प्रमुख क्षेत्र – MP, महाराष्ट्र, गुजरात
3. माही नदी
माही नदी भी पश्चिम की ओर बहने वाली प्रमुख नदी है। इसका उद्गम मध्य प्रदेश के धार जिले के निकट विंध्य क्षेत्र से माना जाता है।
माही नदी मध्य प्रदेश से राजस्थान में प्रवेश करती है और फिर गुजरात से होकर बहती हुई खंभात की खाड़ी में गिरती है और अरब सागर में मिल जाती है। इस नदी की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह भारत की एकमात्र नदी है जो कर्क रेखा को दो बार काटती है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – धार जिला, (MP)
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 576 Km (लगभग)
- प्रमुख क्षेत्र – MP, राजस्थान, गुजरात
“कर्क रेखा को दो बार काटती है।”
4. साबरमती नदी
साबरमती नदी का उद्गम राजस्थान के उदयपुर जिले में अरावली पर्वतमाला से होता है। यह नदी राजस्थान और गुजरात से होकर पश्चिम दिशा में बहती हुई खंभात की खड़ी द्वारा अरब सागर में मिल जाती है।
यह नदी गुजरात की प्रमुख नदियों में से एक है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – अरावली पर्वतमाला
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 371 Km
- प्रवाह – पश्चिम
- प्रमुख क्षेत्र – राजस्थान, गुजरात
5. पेरियार नदी
पेरियार नदी केरल की प्रमुख नदियों में से एक है इसका उद्गम पश्चिमी घाट की शिवगिरी पहाड़ियों से होता है जो केरल और तमिलनाडु की सीमा पर है।
यह नदी केरल की सबसे लंबी नदी है और इसे केरल की “जीवन रेखा” भी कहा जाता है।
प्रसिद्ध इडुक्की बांध और मुल्लापेरियार बांध इसी नदी पर बने हैं।
🔑 Key Points -
- उद्गम – पश्चिमी घाट
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 244 Km
- प्रमुख क्षेत्र – केरल
- प्रमुख बांध – इडुक्की और मुल्लापेरियार
6. भरतपुझा नदी
भरतपुझा को “नीली नदी” के नाम से भी जाना जाता है। यह केरल की दूसरी सबसे लंबी नदी है जिसका उद्गम तमिलनाडु की अन्नामलाई पहाड़ी (पश्चिमी घाट) से होता है। यह पलक्कड़ दर्रे से केरल में प्रवेश करती है और पश्चिम दिशा में बहते हुए अरब सागर में जाकर गिरती है।
कला का प्रसिद्ध केंद्र “केरल कलामंडलम” इसी नदी पर स्थित है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – पश्चिमी घाट (तमिलनाडु)
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 209 Km
- प्रमुख बांध – मलम्पूझा बांध
7. शरावती नदी
शरावती नदी कर्नाटक की महत्वपूर्ण पश्चिमवाहिनी नदियों में से एक है। इसका उद्गम कर्नाटक के शिमोगा जिले में पश्चिमी घाट से होता है।
भारत के सबसे ऊंचे जलप्रपात में से एक प्रसिद्ध जलप्रपात “जोग” इसी नदी पर बना है। इस जलप्रपात को ‘गेरसेप्पा‘ और ‘महात्मा गांधी‘ जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – पश्चिमी घाट, कर्नाटक
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 128 km
- जलप्रपात – जोग
8. नेत्रावती नदी
नेत्रावती या नेत्रवती नदी का उद्गम कुद्रेमुख श्रेणी, पश्चिमी घाट (कर्नाटक) से होता है। इस नदी की लंबाई लगभग 103 किलोमीटर है। यह कर्नाटक में पश्चिम दिशा में बहती हुई अरब सागर में मिलती है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – पश्चिमी घाट, कर्नाटक
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 103
- प्रवाह – पश्चिम
9. जुआरी नदी
जुआरी नदी गोवा के सबसे लंबी नदी है। इसका उद्गम पश्चिमी घाट के हेमाड-बार्शेम क्षेत्र से होता है जो कर्नाटक और गोवा की सीमा पर है।
यह 92 किलोमीटर लंबी नदी है जो मुख्य रूप से गोवा में बहती है लेकिन इसका कुछ भाग कर्नाटक में भी है। इसका मुहाना अरब सागर में है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – हेमाड-बार्शेम, पश्चिमी घाट
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 92 Km
“गोवा की सबसे लंबी नदी है”
10. मंडोवी नदी
मंडोवी या मांडवी नदी को गोवा की “जीवन रेखा” कहा जाता है। इसका उद्गम कर्नाटक के बेलगाम जिले में पश्चिमी घाट से होता है।
यह लगभग 77 किलोमीटर लंबी नदी है। जो मुख्य रूप से कर्नाटक और गोवा में बहती है। यह नदी कर्नाटक से निकलकर गोवा में बहती हुई गोवा की राजधानी पणजी के पास जुआरी नदी मिलती है और संयुक्त होकर अरब सागर में गिरती है।
🔑 Key Points -
- उद्गम – पश्चिमी घाट, कर्नाटक
- मुहाना – अरब सागर
- लंबाई – 77 Km
- प्रमुख शहर – पणजी
निष्कर्ष
भारत की नदी प्रणाली को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि सभी नदियां बंगाल की खाड़ी में नहीं गिरतीं। बल्कि नर्मदा, तापी, माही और साबरमती जैसी कुछ अरब सागर में गिरने वाली नदियां भी हैं जो पश्चिम की ओर बहती हुई अरब सागर में गिरती हैं।
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