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Medieval History Question Answer
अलाउद्दीन खिलजी की बाजार व्यवस्था में ‘शहना-ए-मंडी’ किससे संबंधित था?
A. बाजार की निगरानी
B. सेना की भर्ती
C. न्याय व्यवस्था
D. भूमि मापन
- शहना-ए-मंडी बाजार की निगरानी से संबंधित अधिकारी था।
- उसका कार्य बाजार में निर्धारित नियमों और कीमतों के पालन पर नजर रखना था।
अलाउद्दीन खिलजी की सेना को नकद वेतन देने की नीति किससे संबंधित थी?
A. सैनिकों को कर-मुक्त गाँव देना
B. सैनिकों को केवल भूमि देना
C. सैनिकों को व्यापारिक अधिकार देना
D. सैनिकों को नियमित भुगतान
- अलाउद्दीन ने बड़ी और स्थायी सेना बनाए रखने के लिए सैनिकों को नकद वेतन देने पर जोर दिया।
- कम बाजार कीमतों के साथ नकद वेतन व्यवस्था उसकी सैन्य नीति को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाती थी।
अलाउद्दीन ने अपने शासन में अमीरों की शक्ति को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए?
A. उनके आपसी मेल-जोल और अन्य गतिविधियों पर नियंत्रण
B. उन्हें स्वतंत्र राज्य देना
C. उन्हें कर-मुक्त व्यापार देना
D. उन्हें सेना से अलग करना
- अलाउद्दीन को शक था कि शक्तिशाली अमीर आपस में गठबंधन बनाकर विद्रोह कर सकते हैं।
- इसलिए उसने अमीरों के सामाजिक और राजनीतिक व्यवहार पर कठोर निगरानी रखी।
- शराब और अन्य गतिविधियों पर भी नियंत्रण रखा।
अलाउद्दीन खिलजी ने गुजरात पर आक्रमण कब किया था?
A. 1291 ई.
B. 1299 ई.
C. 1301 ई.
D. 1305 ई.
- अलाउद्दीन खिलजी ने 1299 ई. में गुजरात पर अभियान चलाया।
- गुजरात उस समय आर्थिक रूप से समृद्ध क्षेत्र था। जिससे बड़ी मात्रा में धन-संपत्ति प्राप्त हुई।
मलिक काफूर का अलाउद्दीन खिलजी से क्या संबंध था?
A. चचेरा भाई
B. भतीजा
C. सेनापति
D. राजस्व अधिकारी
- मलिक काफूर अलाउद्दीन खिलजी का प्रमुख सैन्य सेनापति था।
- उसने देवगिरि, वारंगल, द्वारसमुद्र और मदुरै जैसे अभियानों का नेतृत्व किया।
अलाउद्दीन खिलजी ने रणथंभौर पर विजय कब प्राप्त की?
A. 1299 ई.
B. 1301 ई.
C. 1303 ई.
D. 1305 ई.
- रणथंभौर राजस्थान का अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक दुर्ग था, जिस पर हम्मीर देव चौहान का शासन था।
- अलाउद्दीन ने 1301 ई. में इस पर विजय प्राप्त की।
अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर विजय किस वर्ष प्राप्त की?
A. 1296 ई.
B. 1300 ई.
C. 1303 ई.
D. 1308 ई.
- अलाउद्दीन ने 1303 ई. में चित्तौड़ पर विजय प्राप्त की।
- उस समय चित्तौड़ मेवाड़ की प्रमुख राजनीतिक शक्ति का केंद्र था।
- चित्तौड़ पर विजय के बाद अलाउद्दीन ने इसे अपने पुत्र खिज्र खाँ से जोड़ते हुए "खिज्राबाद" नाम दिया।
अलाउद्दीन खिलजी ने मालवा पर विजय लगभग किस अवधि में प्राप्त की?
A. 1299–1300 ई.
B. 1305–1306 ई.
C. 1310–1311 ई.
D. 1315–1316 ई.
- 1305 ई. के आसपास मालवा अभियान पर सफलता प्राप्त की।
- इस विजय ने खिलजी साम्राज्य के मध्य भारतीय विस्तार को मजबूत किया।
निम्नलिखित में से कौन-सा अलाउद्दीन खिलजी के राजपूताना अभियानों का सही क्रम है?
A. चित्तौड़ → रणथंभौर
B. कन्नौज → चित्तौड़
C. गुजरात → रणथंभौर → चित्तौड़
D. मालवा → गुजरात → रणथंभौर
- गुजरात अभियान 1299 ई. में हुआ।
- रणथंभौर की विजय 1301 ई. में हुई।
- चित्तौड़ पर विजय 1303 ई. में हुई।
मलिक काफूर ने देवगिरि के विरुद्ध प्रमुख अभियान किस शासक के शासनकाल में किया?
A. रामचंद्र देव
B. कृष्णदेव राय
C. हरिहर प्रथम
D. प्रतापरुद्र द्वितीय
- देवगिरि पर रामचंद्र देव का शासन था।
- अलाउद्दीन की प्रारंभिक विजय के बाद भी देवगिरि से संबंध पूरी तरह समाप्त नहीं हुए।
- बाद में मलिक काफूर ने देवगिरि के विरुद्ध पुनः अभियान चलाया और रामचन्द्र देव को अपने अधीन कर लिया।
अलाउद्दीन खिलजी के समय वारंगल किस राजवंश की राजधानी थी?
A. पांड्य
B. काकतीय
C. होयसल
D. इनमें से कोई नहीं
- वारंगल काकतीय राजवंश का प्रमुख राजनीतिक केंद्र था।
- मलिक काफूर ने वारंगल के विरुद्ध अभियान का नेतृत्व किया।
- उस यहाँ काकतीय शासक प्रतापरुद्र द्वितीय का शासन था।
द्वारसमुद्र किस दक्षिण भारतीय राजवंश का प्रमुख केंद्र था?
A. होयसल
B. काकतीय
C. पांड्य
D. इनमें से कोई नहीं
- द्वारसमुद्र होयसाल राजवंश का प्रमुख राजनीतिक केंद्र था।
- यह वर्तमान कर्नाटक क्षेत्र में स्थित था।
- मलिक काफूर ने यहाँ आक्रमण कर होयसल शासक अधीनता स्वीकार करने और धन देने की नीति अपनाई।
मलिक काफूर के दक्षिणी अभियानों में मदुरै किस वंश से संबंधित था?
A. पांड्य
B. काकतीय
C. तुगलक
D. होयसाल
- मदुरै क्षेत्र पर उस समय पांड्य शक्ति का प्रभाव था।
- पांड्य उत्तराधिकार संघर्ष से राजनीतिक रूप से कमजोर स्थिति में थे।
- मलिक काफूर ने इसी परिस्थिति का लाभ उठाते हुए दक्षिण की ओर अभियान किया।
अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु किस वर्ष हुई?
A. 1314 ई.
B. 1316 ई.
C. 1318 ई.
D. 1320 ई.
- अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 1316 ई. में हुई।
- उसकी मृत्यु के बाद दिल्ली सल्तनत में उत्तराधिकार को लेकर संघर्ष शुरू हुआ।
- अलाउद्दीन की मृत्यु के बाद खिलजी शासन की राजनीतिक स्थिरता तेजी से कमजोर हुई।
अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु के बाद सत्ता संघर्ष में किस व्यक्ति का प्रभाव तेजी से बढ़ा?
A. मलिक काफूर
B. गयासुद्दीन तुगलक
C. खिज्र खाँ
D. जफर खाँ
- अलाउद्दीन की मृत्यु के बाद मलिक काफूर ने शाही परिवार और सत्ता पर प्रभाव स्थापित करने का प्रयास किया।
- उसने अलाउद्दीन के नाबालिग पुत्र शिहाबुद्दीन को सुल्तान बनाया, जिससे वास्तविक राजनीतिक शक्ति काफी हद तक मलिक काफूर के हाथों में आ गई।
- तुर्क अमीर और सैन्य अधिकारी उससे असन्तुष्ट थे जिस कारण शीघ्र ही उसका प्रभाव समाप्त हो गया।
अलाउद्दीन खिलजी के बाद स्वतंत्र रूप से सत्ता संभालने वाला प्रमुख खिलजी शासक कौन था?
A. नासिरुद्दीन खुसरो शाह
B. शिहाबुद्दीन उमर
C. कुतुबुद्दीन मुबारक शाह
D. खिज्र खाँ
- मलिक काफूर के पतन के बाद कुतुबुद्दीन मुबारक शाह ने सत्ता संभाली।
- उसने शिहाबुद्दीन उमर को हटाकर स्वयं शासन किया।
- उसके शासन में अलाउद्दीन की कई कठोर नीतियों में ढील दी गई।
कुतुबुद्दीन मुबारक शाह की हत्या किसने की थी?
A. गयासुद्दीन तुगलक
B. खुसरो खाँ
C. मलिक काफूर
D. निजामुद्दीन औलिया
- खुसरो खाँ ने 1320 ई. में कुतुबुद्दीन मुबारक शाह की हत्या कर सत्ता पर अधिकार कर लिया।
- खुसरो, कुतुबउद्दीन मुबारक शाह का सेनापति था।
दिल्ली सल्तनत में खिलजी वंश का अंत किस शासक के पतन के साथ हुआ?
A. अलाउद्दीन खिलजी
B. कुतुबुद्दीन मुबारक शाह
C. खुसरो खाँ
D. शिहाबुद्दीन उमर
- इसका शासन कुछ समय तक ही रहा।
- गाजी मालिक ने खुसरो को पराजित कर खिलजी वंश का अंत कर दिया।
भारत में दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला दूसरा वंश कौन-सा था?
A. गुलाम वंश
B. तुगलक वंश
C. खिलजी वंश
D. मामलूक वंश
- पहला वंश गुलाम वंश था, जिसे मामलूक वंश भी कहते हैं।
खिलजी वंश का अंतिम शासक कौन था?
A. गयासुद्दीन तुगलक
B. खिज़्र खान
C. मलिक काफूर
D. खुसरो खाँ
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